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उत्तराखंड में शराब कारोबारियो ने दुकानें बंद करने की दी चेतावनी
May 14, 2020 • Dr. Arshad Samrat


देहरादून

 उत्तराखंड में शराब और शराब की बिक्री हमेशा से विवादों में रही है और अब कोरोना काल में जबकि सरकार को ज़बरदस्त आर्थिक नुक़सान हो रहा है उत्तराखंड में शराब कारोबारी दुकानें बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं. शराब कारोबारियों का कहना है अप्रैल में लॉकडाउन के चलते दुकान खुली नहीं, इसलिए वे अप्रैल का अधिभार जमा नहीं कर पाएंगे. सरकार और आबकारी विभाग अप्रैल महीने के अधिभार को माफ करे. सरकार कह रही है कि वह इस पर विचार कर रही है और कांग्रेस का कहना है कि सरकार की अदूरदर्शिता से राज्य को बड़ा नुक़सान हो रहा है.

पूरी तरह बंद करने की चेतावनी

शराब कारोबारियों का कहना है कि उत्तराखंड में टूरिस्ट हैं नहीं, होटल का धंधा चौपट है और दुकानें रात 10 बजे तक खुल नहीं रही. ऐसे में वह शराब बेचें तो किसे? इसलिए आने वाले महीनों में विभाग महीने की सेल के मुताबिक नहीं बल्कि रोज़ की सेल के हिसाब से पैसे ले.

सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रदेश के तमाम ज़िलों में शराब कारोबारियों ने दुकानें बंद रखने का ऐलान भी कर दिया है. इनका कहना है कि पहले वे 15 मई को एक दिन शराब की दुकानें बंद रखेंगे और फिर भी विभाग और सरकार ने कोई रास्ता नहीं निकाला तो 25 मई से शराब की दुकानें पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी.

कोई योजना नहीं

वहीं इस विवाद पर आबकारी विभाग के पास कोई ठोस प्लान नहीं दिख रहा. कारोबारी अपनी तरफ से ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन आबकारी आयुक्त सुशील कुमार इस बारे में बात करने को ही तैयार नहीं हैं. न्यूज़ 18 की कई कोशिशों के बाद वह कुछ नहीं बोल रहे हैं, किसी सवाल का जवाब नहीं दे रहे.

मज़ेदार बात यह है कि प्रकाश पंत के निधन के बाद उनके सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं, जिनमें आबकारी विभाग भी शामिल है. मुख्यमंत्री की ओर से इस बारे में सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ही बयान देते हैं. शराब कारोबारियों की मांग पर कौशिक ने कहा कि सरकार इस मामले में विचार कर रही है.

3600 करोड़ का टारगेट आसान नहीं.

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना कहते हैं कि लॉकडाउन में सबसे ज़्यादा गलत फायदा आबकारी विभाग ने उठाया लेकिन अप्रैल महीने में 300 करोड़ की कमाई के नुकसान की भरपाई कौन करेगा? यह बात साफ नहीं है और मौजूदा हालात में उत्तराखंड को राजस्व का बड़ा नुक़सान हो रहा है जिसकी वजह सरकार की अदूरदर्शिता है.

देहरादून, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर के शराब कारोबारी कह चुके है कि वो 15 मई को एक दिन शराब की दुकान बंद करेंगे. ऐसे में सवाल है कि इस तरह के हालात में आबकारी विभाग के 3600 करोड़ की कमाई का लक्ष्य हासिल कैसे होगा? पहले ही करीब 450 करोड़ राजस्व लक्ष्य वाली 155 दुकानें उठी ही नहीं हैं और अप्रैल में 300 करोड़ का नुकसान हो चुका है. इस मुश्किल वक्त में जब सरकार पाई-पाई बचा रही हो शराब कारोबारियों का विरोध उस पर भारी पड़ सकता है.