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SBI पर निर्मला सीतारमण ने निकाली भड़ास, कहा- ‘बेरहम’ और ‘अयोग्य’ है बैंक
March 15, 2020 • Dr. Arshad Samrat

 

वित्त मंत्री गुवाहाटी में एक वित्तीय समावेशन आउटरीच कार्यक्रम में भाषण दे रहीं थीं। ये कार्यक्रम वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संबंधित राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों (एसएलबीसी) के साथ आयोजित किया गया था।

भारतीय स्टेट बैंक और उसके शीर्ष अधिकारियों को फटकार लगते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सबसे बड़े सरकारी स्वामित्व वाले बैंक को “हृदयहीन” और “अक्षम” बताया है। सीतारमण ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि असम में चाय बागान कामगारों के कुछ 2.5 लाख बैंक खाते कार्यात्मक नहीं थे। वह 27 फरवरी को गुवाहाटी में एक वित्तीय समावेशन आउटरीच कार्यक्रम में भाषण दे रहीं थीं। ये कार्यक्रम वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संबंधित राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों (एसएलबीसी) के साथ आयोजित किया गया था।

‘The Indian Express’ में छपी खबर के अनुसार घटना के एक ऑडियो क्लिप में, सीतारमण पूछती हैं कि कैसे जल्द ही खातों को कार्यात्मक बनाया जा सकता है। इस क्लिप में एक एसबीआई अधिकारी यह कहते हुए सुना जाता है कि बैंक को इन खातों को कार्यात्मक बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से कुछ मंजूरी की आवश्यकता है और यह सप्ताह के भीतर हो जाएगा।

एक समय वित्त मंत्री को यह भी कहते हुए सुना गया “मुझे गुमराह मत करो…. एसबीआई के अध्यक्ष आप मुझसे इस मामले पर दिल्ली में मिलेंगे और मैं इसे नहीं जाने दे रहा हूं। यह पूरी तरह से कामचोरी है। मैं आपको विफलता के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार ठहराती हूं और मैं आपके साथ इसपर विस्तृत बातचीत करूंगी। आप खातों को चालू करिए और चाय बागानों के किसी भी कामगारों को आपकी आज्ञाकारिता के कारण नुकसान नहीं होना चाहिए।”

ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कॉनफेडरेशन (एआईबीओसी) एसोसिएशन का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप से यह खुलासा होता है कि वित्त मंत्री ने फरवरी में आयोजित एक संपर्क कार्यक्रम के दौरान एसबीआई के चेयरमैन को फटकार लगाई। संगठन ने कहा, “उन्होंने (वित्त मंत्री ने) रजनीश कुमार (एसबीआई के चेयरमैन) की तीखी आलोचना की और उनपर आरोप लगाया कि वह ऋण देने में, विशेष रूप से असम के चाय बगान कामगारों को रिण देने में, असफल रहे हैं।”

संगठन ने 13 मार्च की तारीख वाले एक बयान में कहा कि ऑडियो क्लिप के माध्यम से सामने आयी गुवाहाटी की इस घटना की, जिसमें वित्त मंत्री ने भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार को फटकार लगायी थी…की कड़ी नींद की जाती है। संगठन ने कहा कि यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है। एआईबीओसी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 27 फरवरी, 2020 को गुवाहाटी में आयोजित एसबीआई वित्तीय समावेशन संपर्क कार्यक्रम में असम के वित्त मंत्री और डीएफएस के अन्य अधिकारियों तथा अन्य बैंकों के प्रमुखों की उपस्थिति में वित्त मंत्री ने एसबीआई और उसके चेयरमैन रजनीश कुमार की काफी आलोचना की। एआईबीओसी बैंक अधिकारियों का सबसे बड़ा संगठन है और इसकी सदस्य संख्या करीब तीन लाख 20 हजार की है।


संगठन का दावा है कि वित्त मंत्री ने एसबीआई को ‘‘हृदयहीन बैंक’’ बताया और देश के सबसे बड़े बैंक के प्रमुख का अपमान किया। एआईबीओसी ने कहा, ‘‘इसके अलावा सबसे दुखद बात यह है कि किसी ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया और सुनिश्चित किया कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो।’’ संगठन ने कहा, ‘‘हमारा विचार है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।’’ उसने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि किसी असामाजिक तत्व द्वारा कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्डिंग किए जाने और सोशल मीडिया का दुरुपयोग किये जाने के मामले की जांच होनी चाहिए