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जनता को भी लॉकडाउन को लागू कराने के लिए अपनी तरफ से कदम उठाने चाहियें- अशोक बालियान 
April 10, 2020 • Dr. Arshad Samrat

मुज़फ्फरनगर

  कोरोना के प्रकोप से बड़े शहरों के प्रभावित होने के बाद यह लगातार आशंका व्यक्त की जा रही थी कि महानगरों से यह संक्रमण लेकर अनेक लोग अपने अपने इलाकों में लौट रहे हैं। जनपद मुज़फ्फरनगर के सिसोली कस्बे में एक महिला को कोरोना वायरस का संक्रमण हो गया है और उसके कारण अनेक लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ गया है। अब इन सभी को होम क्वारंटाइन कराया गया है।
    यह भी देखने में आ रहा है कि कुछ ग्रामीण क्षेत्रो में लॉकडाउन का पालन पूर्णतया नहीं हो रहा है और न ही  सोशल डिस्टेंसिंग की गाइड लाईन का पालन किया जा रहा है, जो कोरोना वायरस से बचाव के लिए बहुत ही जरूरी है। बाहर से जो लोग गांव में आ रहे है, उनके लिए प्रशासन को अपने आने की जानकारी देना, लॉकडाउन का पूर्णतया पालन करना व उनकी जांच अनिवार्य रूप से किये जाने की आवश्यकता है। 
    ग्राम प्रधान और आशा के जरिए बाहर से आने वाले लोगों की पहचान अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। और पहचान के बाद क्या नीति या गाइड लाईन हो यह भी स्पष्ट होना चाहिए। बाहर से आने वाले लोगों की सूचना मिलने पर तत्काल टीम पहुंचकर नोटिस चस्पा करके उसे चौदह दिन तक होम क्वारंटाइन की सलाह को लागू कराने की सख्ती से आवश्यकता है।
    अब कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने तथा बिना प्रशासन को बताये लोगों का एक इलाके से दूसरे इलाकों ने जाने की वजह से ग्रामीण इलाकों में जिम्मेदार लोगों को अपने स्तर पर इस पर सख्ती बरतनी होगी। इस सख्ती का एकमात्र मकसद अपने इलाके और गांव के तमाम लोगों को संभावित संक्रमण से बचाना ही होगा।
     कोरोना से जंग जीतने के लिए अब पुलिस ग्रामीण इलाकों में भी लॉकडाउन का सख्‍ती से पालन करा रही है। क्योकि लॉकडाउन का सख्‍ती से अमल हुआ तो यह नियंत्रण में आ जाएगा। सिसोली की घटना के बाद जिला प्रशासन कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब ग्रामीण क्षेत्र को चिन्हित कर और सख्‍ती करेगा, ताकि कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके।
    जनपद मुज़फ्फरनगर में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में जाकर लोगों परिवार से अलग रहने की गुजारिश कर रही है। इसलिए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लगे लॉक डाउन के बाद अब गांव के लोगों को इसके लिए और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता हैं। इसलिए ग्रामीण इलाकों में जनता को भी लॉकडाउन को लागू कराने के लिए अपनी तरफ से कदम उठाने चाहियें।